शिमला। हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की महतवपूर्ण बैठक का आयोजन किया जाना है। प्रदेश में होने वाले आगामी उपचुनावों ने पहले हो रही इस कैबिनेट बैठक में प्रदेश सरकार द्वारा कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। यह बैठक शनिवार सुबह 11 बजे राज्य सचिवालय में मंत्रिमंडल की बैठक होगी। यह भी पढ़ें:
इसमें कोरोना बंदिशों में कुछ राहत दी जा सकती है। वहीं, इस कैबिनेट में प्रदेश सरकार सूबे में एक बार फिर से स्कूल खोलने के सम्बन्ध में ऐलान कर सकती है। बतौर रिपोर्ट्स, राज्य सरकार 6 सितम्बर से राज्य में बड़ी कक्षाओं के लिए स्कूलों को खोलने पर विचार करेगी।
कोविड-19 बंदिशों को लेकर लिया जाएगा निर्णय
बैठक में कोविड-19 को लेकर लगी बंदिशों को हटाने या नहीं हटाए जाने पर भी निर्णय लिया जाएगा। मौजूदा समय में राज्य में बाहरी लोगों को आरटी-पीसीआर की 72 घंटे की रिपोर्ट, रैपिड की 24 घंटे की रिपोर्ट या कोविड-19 वैक्सीन की 2 डोज का प्रमाण पत्र दिखाए जाने पर ही प्रवेश मिल रहा है। इसी तरह प्रदेश में प्रवेश के लिए पंजीकरण करवाने की शर्त भी लगी है। बैठक में कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर से प्रभावी तरीके से निपटने की तैयारियों को लेकर भी प्रस्तुति दिए जाने की संभावना है।
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खाली पड़े पदों को भरने और नए पद सृजित किए जाने कि संभावना
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की तरफ से की गई घोषणाओं पर भी बैठक में मोहर लगने तथा विभिन्न विभागों में खाली पड़े पदों को भरने एवं सृजित करने का निर्णय लिया जा सकता है। विभिन्न विभागों की तरफ से लाए गए प्रस्तावों पर भी बैठक में चर्चा होगी। साथ ही कुछ शिक्षण संस्थानों को सरकार की तरफ से अपग्रेड किया जा सकता है।
पीस मील कर्मचारियों के अनुबंध संबंधी मामले पर हो सकती है चर्चा
इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 6 सितम्बर को वर्चुअल संवाद को लेकर की गई तैयारियों की भी समीक्षा की जाएगी। बैठक में 1,933 पीस मील कर्मचारियों के अनुबंध संबंधी मामले पर भी चर्चा हो सकती है। इस विषय पर मंत्रिमंडल की पिछली बैठक में चर्चा नहीं हो पाई थी।
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बैठक में सेब मामले पर भी चर्चा की उम्मीद
वहीं, सेब के रेट गिरने का एजेंडा भी बैठक में ले जाने की तैयारी है। पिछले दो दिनों से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने कार्यालय में कृषि और बागवानी अधिकारियों को बुलाकर चर्चा की है कि कैसे बागवानों को इस संबंध में राहत दी जा सकती है।
उद्योग व खनन नीति में हो सकता है संशोधन
प्रदेश में निवेश को जमीन पर उतारने के उद्देश्य से उद्योग नीति में संशोधन हो सकता है। इसके अलावा खनन नीति में भी संशोधन किया जा सकता है। उद्योग विभाग की तरफ से इससे संबंधित प्रस्ताव बैठक में चर्चा के लिए लाए जाने की संभावना है।




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