वीरभद्र सरकार के 'अलीबाबा और चालीस चोर' पर चलेगा डंडा; कार्रवाई के लिए चार अफसर नियुक्त

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वीरभद्र सरकार के 'अलीबाबा और चालीस चोर' पर चलेगा डंडा; कार्रवाई के लिए चार अफसर नियुक्त

शिमला: नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, कौल सिंह ठाकुर समेत कांग्रेस के 40 नेताओं की मुश्किलें बढ़ने जा रही हैं। भ्रष्टाचार का आरोप झेल रहे इन कांग्रेस नेताओं के खिलाफ अब विजलेंस एक्शन लेने जा रही है। कुल नौ अधिकारियों का तबादला किया गया है और जिनमें चार अधिकारिओं को इस मामले की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

पिछली सरकार में अली बाबा और चालीस चोर:

बता दें कि कांग्रेस की पिछली सरकार के समय में भ्रष्टाचार हुए थे। जिसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, मंत्री विद्या स्टोक्स, कौल सिंह ठाकुर, जीएस बाली, अनिल शर्मा, मुकेश अग्निहोत्री, सुधीर शर्मा आदि और छह मुख्य संसदीय सचिवों, निगमों-बोर्डों के दस अध्यक्षों-उपाध्यक्षों समेत चालीस नेताओं और अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए गए थे। 

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उस समय भाजपा विपक्ष में थी और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा की अगुवाई भाजपा ने तत्कालीन राज्यपाल आचार्य देवव्रत को 75 पृष्ठों की एक चार्जशीट सौंपी थी। जिसे ‘सरकार में अली बाबा चालीस चोर’ नाम दिया गया था।

CM जयराम से मिले विजलेंस के अधिकारी:

वर्ष 2017 में जयराम ठाकुर की मुख्यमंत्री बने और पदभार ग्रहण करने के साथ ही उन्होंने इस आरोप पत्र जांच के लिए विजिलेंस को भेज दिया था। अब विजलेंस ने मामले की जांच पूरी कर ली है। 

सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार विजलेंस की जांच पूरी हो गई है और कई आला अधिकारियों ने आगे की कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री के साथ बैठक की है।

आगे की कार्रवाई के लिए चार अधिकारी नियुक्त:

मुख्यमंत्री के साथ विजलेंस अधिकारियों की हुई बैठक में दर्ज मामलों की छानबीन, प्रारंभिक छानबीन से गुजर रहे प्रकरणों के स्टेटस और कई विषयों पर चर्चा हुई। जिसके बाद चार नए अधिकारियों को आगे की कार्रवाई का जिम्मा सौंपा गया है।

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इस बैठक के बाद से राजनीतिक गलियारों और मीडिया में चर्चा चल रही है कि उपचुनाव से पहले कांग्रेस नेताओं के ऊपर बड़ी कार्रवाई हो सकती है। साथ ही सूत्रों का कहना है कि यह बड़ा मामला और यदि कार्रवाई होती है तो कई बड़े नेता इसकी जद में आ सकते हैं।

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