नई दिल्ली/शिमला। देश की राजधानी दिल्ली में स्थित इन्डियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च ने हिमाचल प्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर को लेकर अलर्ट जारी किया है। स्वास्थ्य विभाग और सरकार से कहा गया है कि आने वाले 8 हफ्ते राज्य के लिए बेहद संवेदनशील है।
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इन्हीं 8 हफ्तों में तय होगा कि राज्य कोरोना की तीसरी लहर से प्रभावित होगा या नहीं। त्योहारी सीजन, उपचुनाव और टूरिस्ट सीजन को देखते हुए आईसीएमआर की यह चेतावनी बेहद अहम है। हिमाचल में स्कूल-कॉलेज खुल गए हैं। रोजाना बच्चों के आने का सिलसिला शुरू हो चुका है। त्योहारी सीजन शुरू होने जा रहा है।
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हिमाचल में नवरात्र में कई मंदिरों में मेले भरते हैं जहां बाहरी राज्यों से लाखों श्रद्धालु माथा टेकने पहुंचते हैं। नैना देवी, ज्वालाजी, चिंतपूर्णी, चामुंडा देवी, बृजेश्वरी देवी समेत बाबा बालकनाथ और बग्लामुखी में भी नवरात्र में हजारों श्रद्धालु माथा टेकने पहुंचते हैं। ऐसे में भीड़ को नियंत्रित करना और कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करवाना प्रशासन और सरकार के लिए चुनौती भरा होगा।
उपचुनाव में भी बढ़ा संक्रमण का खतरा
हिमाचल की 3 विधानसभा सीटों और मंडी लोकसभा सीट पर उपचुनाव होने जा रहा है। इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। ऐसे में यहां चुनावी रैलियां और जनसभाएं होगी। इनमें भीड़ जुटी तो यह संक्रमण की तीसरी लहर को बढ़ावा देगी। ऐसे में प्रशासन और चुनाव आयोग के लिए भीड़ पर नियंत्रण रखना चुनौती भरा होगा।
स्वास्थ्य विभाग की तैयारी
आईसीएमआर के अलर्ट के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है। सभी जिलों में तैनात चिकित्सा अधिकारियों को सेंपलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने निर्णय लिया है कि चुनावी रैलियों में भी उनकी टीम मौजूद रहेगी जो यहां आने वाले कार्यकर्ताओं और समर्थकों के रैंडम कोविड-19 के सैंपल लेगी। अगर कोई संक्रमित मिलता है तो उसे तुरंत आइसोलेट किया जा सकेगा। फिलहाल आने वाले 8 हफ्ते हिमाचल के लिए बेहद संवेदनशील है।




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