हमीरपुरः बचपन से हम सभी को यह पढ़ाया जाता है कि ईमानदारी सबसे अच्छी नीति है। लेकिन बहुत कम लोग हैं जो इस को अपने जीवन पर लागू कर पाते हैं। इसी से जुड़ा हुआ एक वाक्या हमीरपुर जिले से पेश आया है। जहां पुराने बस अड्डे के पास बार्बर शॉप चलाने वाले शख्स ने एक बूढ़े व्यक्ति के 10 हजार रुपए व पहचान पत्र लौटकर इमानदारी की मिसाल पेश की है।
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बता दें कि घनसुइ शुकरखड्ड के रहने वाले 70 वर्षीय बुजुर्ग राम जी दास पोस्ट ऑफिस भोटा से पैसे निकालकर घर के लिए फल, सब्जियां लेने के लिए बस स्टैंड की ओर जा रहे थे। इस बीच जब वे पुराने बस अड्डे के पास बार्बर की दुकान के पास पहुंचे तो उनके पैसों का बंडल व आधार कार्ड बैग से नीचे गिर गया। जिसकी जरा सी भी भनक राम जी दास को नहीं लगी।
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वहीं, इस बीच थोड़ी देर बाद बार्बर सुरजीत को पैसों का बंडल व पहचान पत्र मिला। जिस पर ईमानदारी दिखाते हुए सुरजीत ने पहचान पत्र के माध्यम से बूढ़े बुजुर्ग को ढूंढा और उसके पैसे लौटाए। गौरतलब है कि सुरजीत पिछले 40 सालों से पुराने बस स्टैंड पर बार्बर की शॉप करते हैं। इतना ही नहीं पूरे क्षेत्र में उनकी ईमानदारी की काफी चर्चा भी है।



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