शिमला। देश भर में शारदीय नवरात्रों का आरम्भ आज से हो रहा है। इसी कड़ी में सूबे के शक्तिपीठों को पूरी तरह से सजा दिया गया है। सूबे में जारी कोरोना के कहर के बीच प्रदेश के शक्तिपीठों में दर्शन करने के कुछ नियम बनाए गए हैं, जिनका पालन श्रद्धालुओं को करना होगा।
मंदिर में दर्शन करने का समय
- मां ज्वालाजी, मां बज्रेश्वरी और मां चामुंडा मंदिर सुबह चार बजे से रात को 10 बजे तक दर्शनों के लिए खुले रहेंगे।
- छिन्नमस्तिका धाम चिंतपूर्णी में रात 11 से 12 बजे तक मंदिर के कपाट बंद रहेंगे।
श्री नयना देवी के लिए आरती नियम बदले
चार पहर की आरती शारदीय नवरात्रों में रात को 12 से 2 बजे के बीच होगी। दोपहर 12 से 12:30 बजे तक मध्यकालीन आरती और राजसी भोग के लिए मां का मंदिर श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेगा। मध्यकालीन आरती के बाद फिर से रात 12 बजे तक मंदिर का द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा।
चिंतपूर्णी मंदिर के लिए यह हैं नियम
मां चिंतपूर्णी के दर्शन के लिए पर्ची लेनी होगी। मंदिर परिसर क्षेत्र में अस्थायी दुकानें नहीं खुल सकेंगी और सूखा प्रसाद ही चढ़ाया जा सकेगा।
इन नियमों का करना होगा पालन
- श्रद्धालुओं को कोविड एसओपी के नियमों का पालन करना होगा।
- श्रद्धालुओं की थर्मल स्क्रीनिंग के लिए उचित कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
- आरती के समय मंदिर में श्रद्धालुओं का प्रवेश वर्जित होगा।
- मंदिरों में भजन-कीर्तन, जागरण पर रोक रहेगी।
- हवन के लिए सामाजिक दूरी के साथ कोविड प्रोटोकाल का पालन करना होगा।
- हवन में सम्मिलित होने वाले श्रद्धालुओं को कोविड वैक्सीन की डबल डोज का प्रमाण पत्र दिखाना जरूरी होगा।
- श्रद्धालुओं को मंदिर में बैठने, खड़े होने तथा इंतजार करने की अनुमति नहीं होगी।
- श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में झंडा ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
- पुजारी श्रद्धालुओं को न तो प्रसाद वितरित करेंगे और न ही मौली बांधेंगे।



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