ऊना। हिमाचल प्रदेश में चार सीटों पर आयोजित किए जाने वाले चुनाव सिर पर आ गए हैं। इस सब के बीच जहां सूबे की राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है, तो वहीं इस दौरान हो रही छोटी-छोटी बातें भी बड़े मायने की साबित होती दिख रही हैं।
इसी कड़ी में सूबे के ऊना जिले में बीजेपी को एक बड़ी ही शर्मनाक हार का सामना करना पड़ गया है। दरअसल, यहां पर विधानसभा क्षेत्र गगरेट में दियोली-घनारी पंचायत के बीडीसी उपचुनाव में बीजेपी समर्थित उम्मीदवार को हार का सामना करना पड़ा है।
बीजेपी के 4 वर्ष का रिपोर्ट कार्ड खोलकर रख दिया
वहीं, बीजेपी को इस मिली यह हार इस वजह से और अधिक शर्मनाक हो जाती है क्योंकि उपचुनाव यहां के बीजेपी विधायक राजेश ठाकुर के गांव में था। यहां सत्तासीन भाजपा को दियोली गांव के कांग्रेस समर्थित अनिल डढवाल ने हराया। कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी ने जीत दर्ज कर गगरेट बीजेपी के पिछले 4 वर्ष का रिपोर्ट कार्ड खोलकर रख दिया है।
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गगरेट के इस उपचुनाव में बीजेपी को मिली हार को खतरे की घंटी के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि अगले साल विधानसभा चुनाव भी हैं। उधर, कांग्रेस इस उपचुनाव में जीत के बाद एक नए रक्त के संचार के साथ उभरकर सामने आई है। उपचुनाव के लिए पूर्व विधायक राकेश कालिया ने भी रणनीति तय की थी।
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कांग्रेस समर्थक अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मिली इस जीत से उत्साहित हैं। क्षेत्र के बीजेपी समर्थकों ने अपना नाम न छापने की शर्त पर तर्क दिया कि बीजेपी जमीनी स्तर पर खोखली हो गई है। बीजेपी के पदाधिकारी अपने जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की अनदेखी का खामियाजा भुगत रहे हैं।




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