शिमलाः हिमाचल प्रदेश में बीते कुछ समय से बीजली बिल में गड़बड़ी होने के चलते विभाग द्वारा मामले की जांच के लिए आईटी टीमों का गठन किया गया था। वहीं, इन टीमों की रिपोर्ट मिलने के बाद तुरंत एक्शन लेते हुए विभाग ने अधिशासी अभियंता सहित तीन अफसरों को बर्खास्त कर दिया है।
उद्योगपतियों को पहुंचा रहे थे फायदा:
जिनमें दो वरिष्ठ सहायकों सहित तत्कालीन सहायक अभियंता जो अब अधिशासी अभियतां बन गए हैं, शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इन्होंने औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब, नालागढ़, बद्दी और पांवटा साहिब के कुछ उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए बिजली बिल में गड़बड़ी की है।
इतना ही नहीं बिजली विभाग ने 10 सहायक और कनिष्ठ अभियंताओं पर भी जांच बिठाई है। वहीं, बोर्ड द्वारा इन अफसरों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।
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बतौर रिपोर्टस, बिजली विभाग की कॉमर्शियल कार्यालय आईटी कार्य निरीक्षण टीम ने पिछले दिनों औद्योगिक क्षेत्रों कालाअंब, बद्दी, नालागढ़ और पांवटा साहिब में बिजली बिल प्रणाली में अनियमितताएं पाई थीं।
बिजली विभाग को हो रहा था नुकसान:
जिस पर बोर्ड द्वारा जांच कमेटी बिठाई गई थी। वहीं, अब जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही विभाग द्वारा यह एक्शन लिया गया है। इन सभी अफसरों पर कुछ उद्योंगों को अनावश्यक लाभ पहुंचाने की कोशिश करने के साथ-साथ बिजली विभाग को नुकसान पहुंचाने की आशंका का आरोप है।
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वहीं, इस मामले पर बिजली बोर्ड के प्रबंध निदेशक पंकज डढवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी अधिकारियों को पूरी ऊर्जा से अपना कार्य करना चाहिए और बोर्ड का काम जनता को सभी सुविधाएं प्रदान करना है। इस कार्य में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।




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