शिमला: चुनावी सरगर्मियों के बीच सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ बयान देकर शिमला ग्रामीण से विधायक विक्रमादित्य सिंह बुरी तरह फंस गए हैं। सोशल मीडिया पर उन्हें सुबह 4 बजे वीडियो अपलोड कर सफाई देनी पड़ी है।
चुनाव में होगा नुकसान!
पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य ने फेसबुक पर वीडियो अपलोड कर कहा कि भाजपा आईटी सेल उनके बयान को तोड़ मरोड़कर लोगों के सामने रख रही है।
साथ ही उन्होंने कहा कि वह कर्मचारियों के हितैषी हैं। लेकिन जो कर्मचारी आज भाजपा सरकार का पिट्ठू बन समर्थन कर रहे हैं उनके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस पार्टी के सूत्रों का भी कहना है कि विक्रमादित्य के इस बयान से उपचुनाव में पार्टी को नुकसान झेलना पड़ सकता है।
गिद्ध से की थी अपनी तुलना:
विचारणीय है कि विक्रमादित्य सिंह यदि सभ्य भाषा में अपने इस बयान को रखते तो सायद बवाल नहीं खड़ा होता। लेकिन जनसभा के संबोधन के दौरान वह हिंसात्मक लहजे में बात कर रहे थे।
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उन्होंने कहा था कि वह कर्मचारियों को पटक-पटक कर फेंक देंगे। उन्होंने अपनी तुलना गिद्ध से करते हुए कहा कि उनकी नजर गिद्ध की नजर है वो किसी को नहीं छोड़ेंगे।
सुबह चार बजे देनी पड़ी सफाई:
बता दें कि राजधानी शिमला के सुन्नी क्षेत्र में एक जनसभा का वीडियो शनिवार को काफी तेजी से वायरल हुआ।
लोगों का कहना था कि विक्रमादित्य बदले की राजनीति की बात कर रहे हैं। वह भी गुंडों की भाषा में, यह बयान उन्हें इतना भाड़ी पड़ा कि सुबह 4 बजे उन्हें सोशल मीडिया पर सफाई देनी पड़ी है।




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