शिमला डेस्क : हिमाचल प्रदेश सरकार की आज हुई बैठक में कई बड़े अहम फैसले लिए गए। मंत्रिमंडल ने 10 नवंबर से तीसरी से सातवीं कक्षा तक के स्कूल भी खोलने का निर्णय लिया है। पहली व दूसरी की कक्षाएं 15 नवंबर से खोलने पर विचार किया गया है।
विधानसभा सत्र की तारीख :
प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य में कोरोना संक्रमण की स्थिति को लेकर समीक्षा की गई। बैठक में सप्लीमेंट्री आइटम्स के तहत छह एजेंडा आइटम आई हैं।
इसके अलावा सरकार ने दूसरा बड़ा फैसला विधानसभा के शीतकालीन सत्र को लेकर किया। 10 से 15 दिसंबर तक धर्मशाला में विधानसभा का सत्र आयोजित होगा। सत्र के दौरान पांच बैठकें होंगी।
जनमंच के तारीखों का ऐलान:
हिमाचल प्रदेश में 21 नवंबर से जनमंच कार्यक्रम शुरू होगा। जनमंच कार्यक्रम में लोगों की जन समस्याओं का समाधान होगा। प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में इस निर्णय पर मुहर लगी। सवा दो बजे मंत्रिमंडल की बैठक समाप्त हुई।
यह भी पढ़ें: हिमाचल : यात्रियों से भरी बस में लगी आग, इंजन से निकलने लगा धुआं; सवारियों में मचा हड़कंप
अब प्रदेश में सभी बसें 100 फीसद क्षमता के साथ चलेंगी। अभी तक कोविड-19 प्रोटोकाल को देखते हुए बसों में 50 फीसद क्षमता के साथ यात्रियों को सफर करवाने का प्रावधान था। अब बसों में पूरी क्षमता के साथ यात्रियों को सफर करवाया जा सकेगा।
देरी से शुरू हुई बैठक, दो मंत्री रहे नदारद
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की सोमवार सुबह साढ़े दस बजे होने जा रही बैठक देरी से शुरू हुई। इसका कारण किसी भी विभाग से एजेंडा नहीं पहुंचना बताया जा रहा है। बैठक 10:50 बजे शुरू हुई, जबकि मुख्यमंत्री सवा दस बजे ही सचिवालय पहुंच गए थे।
यह भी पढ़ें : जयराम कैबिनेट का बड़ा फैसला: पहली से सातवीं तक के खोल दिए स्कूल, जानें डिटेल
सरकार को चार उपचुनाव में हार का झटका लगने के बाद पहली बार मंत्रिमंडल की बैठक हुई। इसके अलावा कैबिनेट मंत्री वीरेंद्र कंवर और राजेंद्र गर्ग सचिवालय नहीं पहुंचे हैं। इसके अतिरिक्त महेंद्र सिंह ठाकुर, सुरेश भारद्वाज, बिक्रम ठाकुर, गोविंद सिंह ठाकुर, सरवीण चौधरी, राकेश पठानिया, सुखराम चौधरी बैठक में पहुंचे।
उपचुनाव में हार पर भी हुई चर्चा :
बताया जा रहा है मंत्रिमंडल की बैठक में हार के कारणों पर चर्चा हुई। प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में उपचुनाव में भाजपा को मिली करारी हार को लेकर मंत्रियों ने अपना पक्ष रखा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के सामने पहली बार मंत्री अपने-अपने क्षेत्रों में हार के कारणों का हवाला दिया।



0 टिप्पणियाँ
Please do not enter any spam link in the comment box. Thanks