शिमलाः हिमाचल प्रदेश में बीते कल शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में हुई विभागीय बैठक में स्कूलों को बंद ना करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही शीतकालीन जिलों के निजी स्कूलों पर यह फैंसला छोड़ा गया है कि वे किस माध्यम से बच्चों को पढ़ाना चाहते हैं।
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वहीं, मीडिया से हुई विशेष बातचीत के दौरान शिक्षा मंत्री ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की हाजिरी 80 फीसदी तक पहुंच गई है। बच्चे स्कूल खुलने से खुश हैं। ऐसे में स्कूलों को बंद करने का कोई मतलब ही नहीं बनता है।
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इसके साथ ही शिक्षा मंत्री की ओर से विभागीय अधिकारियों को कोविड-19 से बचाव हेतु जारी की गई कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन करवाने के आदेश दिए गए हैं।
शिक्षकों की भर्ती पर क्या बोले मंत्री-
बता दें कि नए शैक्षणिक सत्र बैठने से पहले नर्सरी व केजी की कक्षाओं को पढ़ाने वाले शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
जनवीर 2022 में होने जा रही प्री प्राइमरी भर्ती में नर्सरी टीचर ट्रेनिंग करने वालों सहित 15 वर्ष तक आंगनबाड़ी वर्कर के तौर पर कार्य करने वालों को भी शामिल किया जाएगा।
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इस मामले के संबंध में जानकरी देते हुए शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रदेश में चार हजार एनटीटी अध्यापकों की नियुक्ति की जानी है। इसके लिए विभाग ड्राफ्ट तैयार कर रहा है। इस भर्ती के लिए विभागीय स्तर पर तथा आउटसोर्स दोनों विकल्पों पर प्रस्ताव मांगा गया है। उन्होंने कहा कि भर्तियां एनसीटीई के निर्धारित मापदंडों के आधार पर ही की जाएंगी।



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