शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने आज एक बड़ा फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि शिक्षकों की भर्ती के लिए राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) द्वारा निर्धारित नियम प्राथमिक शिक्षा विभाग के साथ-साथ अधीनस्थ कर्मचारी चयन आयोग पर भी लागू होते हैं।
अब हाईकोर्ट के इस फैसले के अनुसार बीएड करने वाले भी अब जेबीटी बन सकते हैं यानी बीएड डिग्री धारक भी पहली से पांचवीं तक के छात्रों को पढ़ा सकेंगे।
यह भी पढ़ें: जेसीसी मीटिंग कल: पौने तीन लाख कर्मियों की टिकी निगाहें, होंगे ये प्रमुख निर्णय
जेबीटी भर्ती में बीएड डिग्री धारकों की एंट्री के खिलाफ जेबीटी प्रशिक्षुओं की ओर से दायर केस में हिमाचल हाईकोर्ट ने याचिकाओं को स्वीकारते हुए प्रदेश सरकार को आदेश दिए कि वह 28 जून 2018 की एनसीटीई की अधिसूचना के अनुसार जेबीटी पदों की भर्ती के लिए नियमों में जरूरी संशोधन करे।
यह भी पढ़ें: हिमाचल में बड़ा तबादला: हाईकोर्ट ने 45 न्यायिक अधिकारियों को किया इधर-उधर, देखें डीटेल
बता दें कि याचिकाकर्ताओं ने मांग की थी कि उन्हें भी जेबीटी भर्ती के लिए कंसीडर किया जाए क्योंकि उन्होंने बीएड डिग्री धारक होने के साथ-साथ टेट की परीक्षा भी उतीर्ण कर रखी है और एनसीटीई के नियमों के तहत जेबीटी शिक्षक बनने के लिए पात्रता रखते हैं।
यह भी पढ़ें: हिमाचल BJP नेता सहित 9 आरोपियों के खिलाफ 450 पन्नों की चार्जशीट दाखिल
याचिका लगाने वाले प्रार्थियों का कहना था कि वे बीएड पास हैं और 28 जून, 2018 की एनसीटीई की अधिसूचना के तहत जेबीटी के इन पदों के लिए वे पात्रता रखते हैं। सरकार उन्हें इस अधिसूचना का लाभ नहीं दे रही है।
वहीं, अब न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान व न्यायाधीश सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने याचिकाओं को स्वीकारते हुए बीएड करने वालों को बड़ी राहत दी है।



0 टिप्पणियाँ
Please do not enter any spam link in the comment box. Thanks