कांगड़ा: हिमाचल प्रदेश को देवभूमि के साथ ही साथ वीरभूमि के नाम से भी जाना जाता है। अगर हम सूबे का इतिहास देखें तो पाएंगें कि हिमाचल हजारों युवा देश सेवा में अपने प्राण न्योछावर कर चुके हैं और इतनी ही बड़ी संख्या में आज के वक्त भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
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इसी कड़ी में हिमाचल के वीर सपूत कमांडो अमित राणा को नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया. अमित राणा सूबे के कांगड़ा जिले के अंतर्गत आते उपमंडल ज्वालामुखी स्थित खुंडियां तहसील की देहरू पंचायत के निवासी हैं. राष्ट्रपति के हाथों अमित को शौर्य चक्र मिलने के बाद परिजनों तथा प्रदेशवासियों में खुशी का माहौल है।
सीएम जयराम ठाकुर ने भी दी बधाई
वीरभूमि हिमाचल के ज्वालामुखी से संबन्ध रखने वाले श्री अमित सिंह राणा को माननीय राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जी द्वारा "शौर्य चक्र" से सम्मानित किए जाने पर हार्दिक बधाई!
— Jairam Thakur (@jairamthakurbjp) November 23, 2021
हिमाचल प्रदेश आपकी इस उपलब्धि से गौरवान्वित हुआ है। pic.twitter.com/KLVaCbiF1k
वहीं, हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर ने भी अमित को उनकी इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है. सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट में सीएम जयराम ठाकुर ने लिखा, 'वीरभूमि हिमाचल के ज्वालामुखी से संबन्ध रखने वाले श्री अमित सिंह राणा को माननीय राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जी द्वारा "शौर्य चक्र" से सम्मानित किए जाने पर हार्दिक बधाई! हिमाचल प्रदेश आपकी इस उपलब्धि से गौरवान्वित हुआ है।'
यहां पढ़ें इस वीर सपूत के शौर्य के किस्से
हिमाचल के इस वीर जवान ने साल 2018 में जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन के दौरान टीम के साथ अपनी जान की परवाह ना करते हुए चार आतंकियों को ढेर कर दिया था। वहीं, अमित राणा ने ऑपरेशन 'दाना' में अपने ऑफिसर को कवर फायर देते हुए एक आतंकी मार गिराया था। इस पूरे ऑपरेशन में कुल आठ आतंकी मारे गए थे।
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इसके अलावा अमित सिंह राणा को साल 2018 के मई महीने में जम्मू-कश्मीर में 'ऑपरेशन रक्षक' में तैनात किया गया था। जहां उन्होंने कई सारे ऑपरेशन में हिस्सा लिया. इस तैनाती के दौरान 20 और 21 सितंबर को उन्होंने एक खोजी ऑपरेशन में भाग लिया, यहां एक गौशाला में आतंकी डेरा जमाए बैठे हुए थे.
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ऐसे में अमित ने मौके की नजाकत को समझते हुए साहस के साथ पशुशाला में आइईडी रख दिया। इस दौरान आतंकियों ने उनपर गोलियां बरसाईं लेकिन अमित ने पशुशाला को ही उड़ा दिया। इस ऑपरेशन में तीन आतंकियों की मौत हुई थी। अब उनकी इन्हीं उपलब्धियों को मद्देनजर रखते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को उन्हें 'शौर्य चक्र' से सम्मानित किया।



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