हिमाचल में भ्रष्टाचार पर विजिलेंस का करारा वार, दस रिश्‍वतखोर अफसर पकड़े- जांच शुरू

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हिमाचल में भ्रष्टाचार पर विजिलेंस का करारा वार, दस रिश्‍वतखोर अफसर पकड़े- जांच शुरू

शिमला: हिमाचल प्रदेश की जयराम ठाकुर की सरकार भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। इसी वजह से विजलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो भी फ्री होकर काम कर रही है।

नौ महीने में 10 घूसखोर पकड़े:

बता दें कि विजिलेंस एंड एंटी क्रप्शन ब्यूरो ने इस साल नौ महीनों में घूसखोरी के दस मामले पकड़े हैं। इसमें आरोपित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।

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जांच एजेंसी के पास विभिन्न विभागों से भ्रष्टाचार की सैकड़ों शिकायतें आ रही हैं। इनमें से 162 शिकायतों को प्रथम दृष्टया सही पाया गया है। इसमें प्रारंभिक जांच आरंभ हो गई है। 

अगर जांच के दौरान आरोपों को लेकर पुख्ता सुबूत मिले तो उस हालत में केस दर्ज होंगे। विजिलेंस केस दर्ज करने के लिए सरकार से अनुमति मांगेगी।

काफी सक्रिय है विजलेंस:

विजिलेंस ने इस साल सितंबर महीने तक भ्रष्टाचार के अलग-अलग 28 मामले दर्ज किए हैं। इन मामलों की गहनता से जांच की जा रही है। जबकि इसी साल पुराने 50 मामलों का निपटारा किया गया है। इन्हें संबंधित न्यायालयों में भेजा गया है। अब चार्जशीट के आधार पर आरोपितों के खिलाफ ट्रायल शुरू हो गया है।

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आइजी विजिलेंस रामेश्वर सिंह ठाकुर ने बताया कि इस साल अब तक इन्क्वायरी के 234 मामलों को निपटाया गया है। ये मामले काफी समय से लंबित चल रहे थे।

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