शिमला। हिमाचल प्रदेश के ढाई लाख कर्मचारियों के लंबित मसले सुलझाने के लिए छह साल बाद आज यानी शनिवार को सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में पीटरहॉफ शिमला में संयुक्त सलाहकार समिति (जेसीसी) की बैठक शुरू होने जा रही है। सूबे के कर्मचारियों को तोहफा देने के लिए जयराम ठाकुर मौके पर पहुंच गए हैं। जहां उनका संबोधन चल रहा है।
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बता दें कि इस बैठक में कर्मचारियों को लाभ देने वाले कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जानें हैं। इस बैठक में सीएम जयराम ठाकुर के अलावा मुख्य सचिव, सभी सचिव और विभागाध्यक्ष सहित हिमाचल अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। इस बैठक के दौरान सरकार को भेजे गए करीब 62 लंबित मांगों के ज्ञापन पर चर्चा होगी और यह भी देखना होगा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों की इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है।
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माना जा रहा है कि इस बैठक में सीएम जयराम ठाकुर पंजाब की तर्ज पर छठे वेतनमान की घोषणा कर सकते हैं। छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के अलावा बैठक में अनुबंध कार्यकाल तीन से दो वर्ष होने की भी घोषणा तय मानी जा रही है। इसके अलावा इस बैठक में कर्मचारियों के लिए डीए की घोषणा भी हो सकती है।
ये हैं प्रमुख मांगें
- नए वित्त आयोग की सिफारिशें जल्द से जल्द लागू की जाएं, मांग पत्र में पंजाब के छठे वेतन वेतन आयोग की जगह केंद्र की तर्ज पर सातवां वेतनमान और भत्ते लागू करने की मांग उठाई है।
- ओल्ड पेंशन स्कीम लागू की जाए।
- नियमितीकरण के लिए अनुबंध कार्यकाल तीन वर्ष से दो वर्ष किया जाए।
- 4-9-14 यानी टाइम स्केल बहाल किया जाए।
- अनुबंध से नियमित होने के बाद दो साल तक हायर ग्रेड, पे बैंड न मिलने की शर्त हटाई जाए।
- अधीक्षक ग्रेड वन का पदनाम अनुभाग अधिकारी रखा जाए।
- करुणामूलक आधार पर नौकरियां देने के लिए आय सीमा बढ़ाई जाए।
- चालकों, क्लीनरों को 20 साल की बजाय 15 साल में विशेष इंक्रीमेंट दी जाए।
- सोसायटी में कार्यरत कर्मियों के लिए नियमितीकरण की नीति बनाई जाए।



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