शिमलाः हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में तेंदुए की दहशत कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। इस बीच एक बार फिर तेंदुए की मौजूदगी रिहायशी क्षेत्र में दर्ज की गई है। जिससे परेशान होकर स्थानीय लोग आज उपायुक्त के कार्यालय पहुंचे।
जल्द पकड़ने की मांग:
लोगों का कहना है कि वे तेंदुए की दहशत में जीवन जीने के लिए मजबूर हैं। हर पल उन्हें यही डर सता रहा है कि जैसे पहले एक बार तेंदुआ बच्ची को उठा कर ले गया बैसे ही कहीं वे उनके बच्चों पर भी हमला ना कर दे। इस सब से परेशान होकर आज स्थानीय लोग अपने बच्चों सहित कार्यालय पहुंचे हुए थे।
यह भी पढ़ें: हिमाचलः दसवीं, बाहरवीं पास बेरोजगार युवाओं के लिए निकली नौकरी, पढ़ें नीचे पूरी लिस्ट
उन्होंने प्रशासन से तेंदुए को जल्द से जल्द पकड़ने व उसे मारने की मांग की है। इसके साथ ही लोगों ने क्षेत्र के आसपास की झाड़ियों को काटने व स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग भी की है। उनका कहना है कि क्षेत्र में लगातार तेंदुआ दिखाई दे रहा है।
प्रशासन को नहीं दिख रहा है तेंदुआ:
बता दें कि बीते कल हिमाचल प्रदेश मानवाधिकार आयोग की ओर से बड़ा फैंसला लेते हुए आदमखोर तेंदुए को तत्काल प्रभाव से पकड़ने व उसे तुरंत मारने के आदेश जारी किए गए हैं। मानवाधिकार आयोग की मानें तो जीवन जीने का अधिकार संविधान के तहत प्रदत्त अधिकार है। जिसके तहत मनुष्य के जीवन की रक्षा करना कानूनी बाध्यता है।
यह भी पढ़ें: हिमाचल: गांव में नशा सप्लाई कर युवाओं को नशेड़ी बनाने के लिए था फेमस; लाखों की चरस के साथ अरेस्ट
वन विभाग ने तेंदुआ को पकड़ने के लिए जंगल में कैमरा और अन्य ट्रैकिंग उपकरण लगा रखे हैं, मगर प्रशासन को तेंदुआ नजर ही नहीं आ रहा है। वहीं, आम लोगों को तेंदुआ दिख भी रहा है और वे डर के साए में जीने को मजबूर हैं।



0 टिप्पणियाँ
Please do not enter any spam link in the comment box. Thanks