शिमला : हिमाचल प्रदेश के मंडी संसदीय क्षेत्र और सूबे के तीन अन्य विधानसभा क्षेत्रों में हुए उपचुनाव में सूबे के सत्तासीन दल बीजेपी को करारी हार का सामना करना पड़ा है. अब इस हार के बाद जहां एक तरफ इस बात पर चर्चा हो रही है कि क्या उत्तराखंड और गुजरात की तरफ बीजेपी आला कमान हिमाचल में भी सीएम बदल देगा.
धूमल की अनदेखी:
वहीं, दूसरी तरफ हिमाचल बीजेपी के वरिष्ठ नेता प्रेम कुमार धूमल का नाम एक बार फिर चर्चा में आ गया है. दरअसल, बीजेपी की इस शर्मनाक हार के पीछे दो बार मुख्यमंत्री रहे प्रेम कुमार धूमल की अनदेखी को भी एक प्रमुख कारण माना जा रहा है।
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बता दें की मंडी लोकसभा सीट समेत सोलन के अर्की, शिमला के जुब्बल-कोटखाई और कांगड़ा के फतेहपुर सहित चारों सीटों में भाजपा के चुनाव प्रचार में धूमल ने बिल्कुल भी भाग नहीं लिया। धूमल की अनुपस्थिति पार्टी कार्यकर्ताओं को खली।
ट्वीट कर कही ये बात:
क्या हार में क्या जीत में
— Prem Kumar Dhumal (@DhumalHP) November 2, 2021
किंचित नहीं भयभीत मैं
संघर्ष पथ पर जो मिले यह भी सही वह भी सही
उपचुनाव परिणाम से निराशा हुई, पर भाजपा के कार्यकर्ता हताश नहीं
हम समीक्षा, आत्मचिंतन करेंगे, गलतियां नहीं दोहराएंगे और फिर नए आत्मविश्वास के साथ Mission Repeat के लिए जुट जाएंगे
जय हिन्द
गौरतलब है कि, धूमल फैक्टर को हाशिये पर धकेलने के तथाकथित प्रयासों से पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच एक गलत संदेश भी गया है। साल 2017 का विधानसभा चुनाव प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ा गया था, जिसकी बदौलत प्रदेश में कांग्रेस को हार का मुंह देखना पड़ा और भाजपा सत्ता की दहलीज तक पहुंची। अब इन उपचुनाव में मिली हार से जहां वर्तमान प्रदेश सरकार को सबक मिला है।



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