यह भी पढ़ें: हिमाचल में DL और पासिंग के नाम पर घूसखोरी, विजलेंस ने 1.13 लाख के साथ तीन को दबोचा
बताया गया कि बीते कल लड़की अपने घर से यह कहकर निकली थी कि वह अपनी दादी के पास जा रही है। वहीं, जब देर तक वह वापस नहीं लौटी तो घर वालों ने लड़की के दादा-दादी से संपर्क किया तो उन्हें पता चला कि लड़की उनके घर पहुंची ही नहीं है। इसके बाद उन्होंने रिश्तेदारों के पास अपनी बच्ची की खोज की, लेकिन उनके हाथ खाली ही रहे। इस बीच घरवालों ने पाया कि उनके घर में रह रहे किरायेदार भी अपने कमरों में नहीं हैं।
मकानमालिक के पास नहीं हैं किरायेदारों के दस्तावेज
अब घरवालों को इस बात के शक है कि वे ही उनकी लाडली को उनसे दूर ले गए हैं। बताया जा रहा है कि बीते तीन माह से उसी घर में रह रहे लड़के घास काटने का काम करते थे। इस मामले में सबसे बड़ी गलती तो यह निकलकर सामने आ रही है कि मकानमालिक ने किराएदारों का पुलिस थाणे में पंजीकरण भी नहीं कराया था।
यह भी पढ़ें: खबर का असर: पुलिसकर्मियों का विरोध आया काम, CM संग बैठक शुरू- JCC के बाद छोड़ा था खाना
इसी वजह से उनके पास उन किराए पर रह रहे लड़कों के कोई दस्तावेज या फोटो नहीं हैं, जिसकी मदद से उनकी पहचान हो सके। हालांकि, पुलिस ने इस संबंध में शिकायत मिलने के बाद छानबीन तेज कर दी है। मामले की पुष्टि करते हुए एसपी एसआर राणा ने बताया कि मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है।
यह भी पढ़ें: बिग ब्रेकिंग: हिमाचल के जवान ने पत्नी संग फंदा लगाकर जान दी, पिछले साल ही हुई थी शादी
उनके मुताबिक वे पूरे प्रयास कर रहे हैं, जिससे आसानी से लड़की को ढूंढा जा सके। इसके साथ ही साथ उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी व्यक्ति को किरायेदार रखने से पूर्व उसकी छानबीन कर लें तथा उसका पंजीकरण नजदीकी थाने में जरूर करवाएं।



0 टिप्पणियाँ
Please do not enter any spam link in the comment box. Thanks