हमीरपुर : हिमाचल प्रदेश में सवर्ण आयोग की मांग अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। उपचुनाव में भी सवर्ण आयोग ने नोटा दबाने की मांग की थी और हार-जीत के मार्जिन से अधिक वोट नोटा को मिले थे।
अब शिमला ग्रामीण से विधायक विक्रमादित्य सिंह ने सवर्ण आयोग की मांग को अपना समर्थन दिया है, जिसके बाद आयोग के नेताओं ने भी उन्हें अपना समर्थन दे दिया है।
अनुराग के गढ़ में पहुंची पदयात्रा:
सवर्ण आयोग की मांग को लेकर समाज के लोग आज वीरवार को हमीरपुर में थे। देव भूमि क्षत्रिय संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रुमित सिंह ठाकुर ने इस दौरान कहा कि सवर्ण आयोग आंदोलन के समर्थन में आये विधायक विक्रमादित्य सिंह के साथ सवर्ण समाज पूरी तरह से खड़ा है।
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धमकी देने वाले लोगों को वाजिब जवाब दिया जाएगा और पहले भी सही तरीके से यह जवाब दिया गया है। इस दौरान विभिन्न सवर्ण संगठन के लोग मौजूद थे और गांधी चौक पर उन्होंने जनसभा को संबोधित किया।
सवर्ण आयोग बना बड़ा राजनीतिक मुद्दा:
बता दें कि हिमाचल प्रदेश में सवर्ण आयोग की गठन की मांग काफी समय से की जा रही है। उपचुनाव के दौरान भी यह मांग काफी जोड़ पकड़ा था। अब विधानसभा चुनाव सामने है। ऐसे में विपक्ष के लिए भी यह मुद्दा फुल टॉस बॉल के समान है।
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पूर्व सीएम के बेटे विक्रमादित्य ने इस फुल टॉस पर छक्का मारने की भरपूर कोशिश की और कहा कि हिमाचल प्रदेश में अन्य आयोगों का गठन भी वीरभद्र सिंह के कार्यकाल में हुआ था। हम सवर्णों की मांग के साथ हैं।



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