शिमलाः हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग में मल्टी टास्क वर्कर्स के कुल 8 हजार पदों पर भर्ती होनी है। इनमें से आधे पद मुख्यमंत्री की संस्तुति पर भरे जाने थे, जिस पर सवाल खड़ा करते हुए एक उम्मीदवार ने हाईकोर्ट में याचिका दर्ज करवाई थी। विभाग में होने वाली इन भर्तियों पर उठे सवालों के बाद अब प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट को नए तरीके से इन पदों पर भर्ती करने की जानकारी दी है।
एसडीएम की अध्यक्षता में बनी कमेटी द्वारा होगी भर्ती
इसके उपरांत हाईकोर्ट की ओर से निर्णय लिया गया था कि शिक्षा विभाग में नियम 18 के तहत मुख्यमंत्री की संस्तुति पर किसी भी तरह की भर्तियां नहीं की जाएगीं। ये भर्तियां एसडीएम की अध्यक्षता में बनी कमेटी द्वारा की जाएंगी।
इस संबंध में जानकारी देते हुए प्रदेश के महाधिवक्ता अशोक शर्मा ने हाईकोर्ट को बताया कि सरकार नियम 18 में संशोधन पर विचार कर रही है। ऐसी नियुक्तियां नियम सात के तहत की जाएंगी। उपयुक्त रूप से विधवाओं, अत्यंत गरीबों, पतियों द्वारा परित्यक्त महिलाओं और बेंचमार्क विकलांग व्यक्तियों व अनाथों को लाभ देने के उद्देश्य से नीति में प्रावधान बनाया जाएगा।
क्या अपने चहेतों को नौकरी देने की थी मंशा
महाधिवक्ता के वक्तव्य के बाद मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक और न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने कहा कि अब इस मामले में कोई अंतरिम आदेश पारित करने की आवश्यकता नहीं है। इस मामले को 16 मार्च, 2022 को सूचीबद्ध किया गया।
बता दें कि बीते कुछ समय पहले एक उम्मीदवार ने नियम 18 के तहत मुख्यमंत्री की अनुशंसा पर होने वाली भर्ती पर सवाल खड़ा करते हुए इसे अनुचित करार दिया था। उनका कहना था की प्रदेश सरकार ने नियम 18 अपने चहेतों को नौकरी दिलाने के लिए रखा है।




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