शिमलाः हिमाचल प्रदेश में हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा व विधानसभा उपचुनावों में भारतीय जनता पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा था। हार के बाद पार्टी ने इस साल मई महीने में होने वाले नगर निगम चुनावों पर मंथन करना शुरु कर दिया है।
पार्टी चिन्ह पर हो निगम चुनाव:
सरकार चाह रही है कि पिछली बार की तरह ही इस बार भी नगर निगम के चुनाव बिना पार्टी चिन्हों के करवाए जाएं। वहीं, कानून के तहत अगर नगर निगम चुनाव पार्टी चिन्हों पर करवाए जाते हैं तो दर बदल अधिनियम के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाती है।
हालांकि, शिमला नगर निगम का एक्ट बाकी निगमों से अलग है। सरकार चाहे तो इस एक्ट में संशोधन कर चिन्हों पर चुनाव करवा सकती है। परंतु सरकार इस बार बिना पार्टी चिन्हों के ही चुनाव करवाने के पक्ष में नजर आ रही है।
बता दें कि इसी साल अक्टूबर महीने के बाद विधानसभा के चुनाव होना प्रस्तावित हैं ऐसे में सरकार किसी भी तरह का कोई जोखिम नहीं उठाना चाहती है, जिसका सीधा सा असर चुनावों पर पड़े।
जानकारियों की मानें तो सरकार इस बार नगर निगम शिमला के चुनाव पार्टी चिन्ह के बिना करवाए। हालांकि, मंडी, पालमपुर, धर्मशाला और सोलन नगर निगमों में हुए चुनावों से बीजेपी को एक तरह से सीख मिली है।
बीजेपी को सोलन व पालमपुर में हार का सामना करना पड़ा था जबकि मंडी व धर्मशाला में सरकार को जीत के लिए काफी जदोजहद करनी पड़ी थी।



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