शिमलाः हिमाचल प्रदेश के युवा हर क्षेत्र में अपनी मेहनत और लगन के चलते अपने क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। ऐसा ही कर दिखाया है राजधानी शिमला स्थित रोहडू के तहत पड़ते गांव पारसा की रहने वाली रेणुका सिंह ठाकुर ने। बता दें कि रेणुका का चयन महिला विश्व कप के लिए टीम इंडिया में हुआ है।
शानदार गेंदबाज हैं रेणुका:
हालांकि, इससे पहले भी रेणुका ठाकुर टी-20 सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मुकाबले खेल चुकी हैं। इस दौरान वे कुछ ज्यादा कमाल नहीं कर पाईं थी परंतु उन्होंने अपनी गेंदबाजी से सबको बड़ा प्रभावित किया था और एक विकेट भी हासिल की थी।
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बता दें कि रेणुका ठाकुर का जन्म 1996 में रोहडू के पारसा गांव में केहर सिंह के घर में हुआ था। मात्र तीन साल की उम्र में रेणुका ने अपने पिता को खो दिया था। उनके पिता क्रिकेट प्रेमी थे और वे चाहते थे की उनकी बेटी क्रिकेटर बने। इतना ही नहीं वे विनोद कांबली के बहुत बड़े फैन थे और इसी के चलते उन्होंने रेणुका के भाई का नाम भी विनोद रखा था।
स्थानीय तौर पर खेलती थी:
रेणुका एक तेज गेंदवाज हैं और वर्तमान में वह बंगलूर में हैं। रेणुका ठाकुर ने रोहडू में ही स्थानीय स्तर पर क्रिकेट खेलना शुरु किया था। इसके उपरांत उनका चयन हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन धर्मशाला अकेडमी के लिए हुआ। जहां उन्होंने कोच पवन सेन के अंडर क्रिकेट की बारीकियां सीखी।
वहीं, साल 2019 में आयोजित बीसीसीआई महिला वन डे टूर्नामेंट में रेणुका ने सबसे ज्यादा विकेट(23) हासिल किए थे। उनके बेहतर प्रदर्शन के चलते इसी साल उसका चयन भारतीय महिला टीम-ए के लिए हुआ था।



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