कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला के जिला मुख्यालय धर्मशाला स्थित चीलगाड़ी की रहने वाली 22 माह की बच्ची राभ्या बहल का नाम इन दिनों चर्चा में हैं। इस बच्ची की उम्र अभी पूरी तरह से दो साल भी नहीं हो सकी है और इस बच्ची ने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा लिया है।
अभय बहल के घर 24 फरवरी 2020 को जन्मी राभ्या ने इसी वर्ष 8 जनवरी को रिकॉर्ड में यह उपलब्धि दर्ज की है तथा उस समय राभ्या महज 1 वर्ष 10 महीने की थी। राभ्या को मेडल और प्रमाण पत्र के साथ रिकॉर्ड बुक उपहार के तौर पर भेंट की गई है।
यहां जानें इस बच्ची ने क्या-क्या किया
राभ्या ने 20 सैकेंड में गायत्री मंत्र के उच्चारण के अलावा शरीर के अंगों व फलों सहित बोर्ड में दर्शाई गई अन्य चीजों के नाम भी क्रमबद्ध किए। छोटी-सी उम्र में राभ्या के इस हुनर का वीडियो परिवार के सदस्यों ने शूट किया था, जिसे इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड को भेजा गया, जिसके बाद उसका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया।
बता दें कि गायत्री मंत्र उच्चारण का रिकार्ड इस किताब में अभी दो साल के एक बच्चे के नाम दर्ज है, जबकि एक साल 11 माह और 15 दिन की राभ्या ने अब ये रिकार्ड अपने नाम कर लिया है। लिहाजा देश में सबसे कम आयु में ये रिकार्ड बनाने वाली बेटी बन गई है।
तोतले उच्चारण में ही शुरू कर दिया था गायत्री मंत्र पाठ
बतौर रिपोर्ट्स, राभ्या ने पूजा करती मां रुपम बहल से तोतले उच्चारण में गायत्री मंत्र बोलना शुरू कर दिया था। राभ्या ने अंग्रेजी ककहरे की भी पहचान शुरू कर दी है। लिहाजा मां रुपम को लगा कि इतनी कम उम्र में जब बच्चे खुद अपनी नाक भी ठीक से पोंछ नहीं सकते ऐसे में राभ्या कुछ अलग करने लगी है तो उसने इंडिया बुक आफ रिकार्ड वालों को बेटी की खूबियां बताईं।
इसके बाद अब इस कारनामे का आनलाइन मूल्यांकन कर इस उपलब्धि को दर्ज किया। यहां बता दें कि राभ्या ने गायत्री मंत्र मात्र 13 सेकेंड में बोला था।




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