एम्स नागपुर में देंगी सेवाएं
उनका चयन बतौर नर्सिगं ऑफिसर एम्स नागपुर में हुआ है। उनकी ये उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने ये सफलता नौकरी करने के साथ-साथ बिना कोचिंग के प्राप्त की है। मिली जानकारी के मुताबिक शालिनी चौहान ने बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई माता पदमावती कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग से प्राप्त की है।
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एम्स में काम करना था सपना
इसके उपरांत वे एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस फरीदाबाद में नौकरी कर रही थी। परंतु शालिनी का सपना एम्स में सेवाएं देना का था। अपने इस सपने को पूरा करने के लिए शालिनी खूब मेहनत की। इस दौरान उनके इंस्टीट्यूट ने भी उनकी काफी मदद की। वैश्विक महामारी के दौरान उन्हें छुट्टी तो दी ही साथ ही उनकी तैयारी में भी पूरी मदद की। वहीं, अब वे एम्स नागपुर में अपनी सेवाएं देंगी।
जानें क्या बोलीं शालिनी
इस संबंध में शालिनी चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि वे अपनी सफलता के लिए अपने माता पिता व शिक्षकों का आभार प्रकट करती हैं। इसके साथ ही उन्होंने माता पदमावती कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग के स्टाफ मेंबर्स व एशियन इंस्टीटयूट ऑफ़ मेडिकल साईंस फरीदाबाद का आभार भी व्यक्त किया है।
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पिता हैं एसडीओ
शालिनी चौहान के पिता दलीप सिंह नाहन स्थित बिजली बोर्ड में एसडीओ के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जबकि उनकी माता सत्या देवी गृहणी हैं। शालिनी की छोटी बहन व छोटा भाई भी है। बहन कॉलेज जाती है जबकि भाई छठी कक्षा में पढ़ता है।



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