हिमाचल की बेटी: 19 माह पहले मां ने गंवाई जान, बेटी ने जारी रखी मेहनत- बिना कोचिंग पाया मुकाम

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हिमाचल की बेटी: 19 माह पहले मां ने गंवाई जान, बेटी ने जारी रखी मेहनत- बिना कोचिंग पाया मुकाम


मंडीः
हिमाचल प्रदेश के युवा अपनी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर एक अच्छा मुकांम हासिल कर अपना व अपने प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। ऐसा ही कर दिखाया है मंडी जिले के तहत पड़ते डवाहण कोटली की रहने वाली ईशा कुमारी ने। 

एम्स गोरखपुर में देंगी सेवाएं

बता दें कि ईशा कुमारी एम्स द्वारा आयोजित राष्ट्रीय परिक्षा को अच्छे अंकों से पास कर नर्सिंग ऑफिसर बनी हैं। ईशा अब उत्तर प्रदेश स्थित एम्स गोरखपुर में बतौर नर्सिंग ऑफिसर अपनी सेवाएं देंगी। उनकी ये उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने बिना कोचिंग लिए इसे हासिल किया है।

मां को खो चुकी हैं ईशा

मिली जानकारी के मुताबिक ईशा ने बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल व कॉलेज आईजीएमसी से की है। जब वे अपनी पढ़ाई के अंतिम वर्ष में थी तो उनकी माता भिंद्रा देवी का ब्रेन हैमरेज के चलते निधन हो गया था। 

बावजूद इसके ईशा ने हिम्मत नहीं हारी और बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई अच्छे अंको से उत्तीर्ण की। इसके साथ ही साथ अपने सपने को पूरा करने के लिए अपने टेस्ट की तैयार भी करती रहीं। वहीं, अब इसके फल स्वरुप उनका चयन बतौर नर्सिंग ऑफिसर एम्स गोरखपुर में हुआ है। 

पिता बीएसएनएल में हैं टेक्नीशियन

ईशा के पिता पूर्ण सिंह बीएसएनएल सीटीओ में टेलीकॉम टेक्नीशियन के पद पर राजधानी शिमला में सेवाएं दे रहे हैं। जबकि उनकी माता भिंद्रा देवी का निधन 19 महीने पहले हो चुका है। बेटी की इस सफलता पर ईशा के पिता पूर्ण सिंह बेहद खुश हैं। वे कहते हैं कि ईशा की इस उपलब्धि पर इलाके में खुशी की लहर है। 

उन्होंने बताया कि ईशा ने अपनी आठवीं तक की पढ़ाई मिडल स्कूल डवाहण से ग्रहण की। इसके उपरांत 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई राजधानी शिमला के लोअर बाजार स्थित आर्य समाज स्कूल से पूर्ण की है।

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