शिमला। बीते का हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर द्वारा बजट पेश किए जाने के बाद आज राज्य विधानसभा में प्रश्नकाल का आयोजन किया गया। वहीं, प्रश्नकाल के बाद उस वक्त सदन का माहौल गरमा गाय जब शिमला ग्रामीण के विधायक विक्रमादित्य सिंह ने अपने दिवंगत पिता पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के खिलाफ की गई टिपण्णी का जवाब दिया।
मानहानि का दावा करना चाह रहे थे विक्रमादित्य
वीरभद्र सिंह के खिलाफ एक मंत्री द्वारा की गई टिपण्णी का जवाब विक्रमादित्य ने एक पहाड़ी कहावत के जरिए देते हुए कहा कि अपनी खलड़ी में रहें। मंत्री अपने काम पर ध्यान दें और अपनी खलड़ी में रहें। कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि उन पर असम्मानजनक टिप्पणी न करें जो छह बार मुख्यमंत्री रहे हों।
यह भी पढ़ें: पठानिया ने कांग्रेस के पुराने नासूर कुरेदे: आप पर तो स्कूटरों पर सेब ढोने के मामले चल रहे हैं
उन्होंने सदन में बताया कि वह इस बारे में मानहानि का दावा करना चाह रहे थे पर वकीलों ने कहा कि सदन में कही बात पर यह नहीं हो सकता। जो मामला अब उन पर कोर्ट में भी खत्म है, उस पर बेबुनियाद की टिप्पणी हो रही है। जो पहले निर्दलीय थे, अब भाजपा में, कल आम आदमी पार्टी में जाएंगे, वे ऐसी टिप्पणी कर रहे हैं।
मंत्री बोले- नाम लीजिए, कोई किसी से डरता नहीं है
वहीं, विक्रमादित्य द्वारा इतना सब कहे जाने के बाद वन मंत्री राकेश पठानिया ने कहा कि वह मंत्री का नाम लें। इन्हें नाम लेने में क्या दिक्कत है। कोई किसी से डरता नहीं है। सब जानते हैं कि किसको किसकी खलड़ी में रहना है। विक्रमादित्य भी अपनी खलड़ी में रहें।
वहीं, इस विषय पर अपनी बात रखते हुए नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा- मंत्री जी! आप सॉरी फील करें। वीरभद्र कोई सामान्य व्यक्ति नहीं थे। उनके बारे में इस तरह की टिप्पणी करना सही नहीं है।



0 टिप्पणियाँ
Please do not enter any spam link in the comment box. Thanks