शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज सदन में वर्ष 2022-23 का बजट पेश किया। उन्होंने कहा कि मुझे सरकार का 5वां बजट पेश करते हुए प्रसन्नता और हर्ष की अनुभूति हो रही है। गत 4 वर्षों में हमारी सरकार ने अप्रत्याशित नियुक्तियों के बावजूद जनअंक्षाओं को पूर्ण करते हुए प्रगति की अभूतपूर्व गाथा लिखी है। आज हमारा प्रदेश विकास के मार्ग पर आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहा है।
चुनावी साल वाले बजट भाषण में सीएम जयराम ने लगभग सभी वर्गों को लुभाने के लिए लिहाज से कई प्रमुख ऐलान कर रहे हैं। इतना ही नहीं इस बजट में समाज के सभी वर्गों का ध्यान रख कर प्रमुख ऐलान किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सूबे के किसानों के लिए भी इस बजट में कई बड़े ऐलान किए गए हैं।
- किसानों को भी राहत के लिए 50 पैसे प्रति यूनिट के बजाय 30 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से बिल दिए जाएंगे। इससे बिजली उपभोक्ताओं को 100 करोड़ का लाभ मिलेगा।
- कृषि क्षेत्र के लिए बजट में 583 करोड़ का प्रावधान। किसानों को मक्की और गेहूं के गुणवत्ता बीज के लिए 3 करोड़ रुपये का प्रावधान।
- हिमाचल में 3 करोड़ से फूल मंडी स्थापित की जाएगी। हींग और केसर की खेती शुरू की गई।
- अब प्रदेश में दालचीनी की खेती को पायलट आधार पर आरंभ किया जाएगा।
- प्रदेश में ड्रेगन फ्रूट की खेती की संभावना को तलाशा जाएगा।
- प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। 100 गांव राष्ट्रीय मानकों में प्राकृतिक खेती के मॉ़डल विकसित किया जाएगा।
- कृषि क्षेत्र के लिए 583 करोड़ के बजट का प्रावधान किया।
- सरकार बागवानी क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाने के लिए पॉलिसी बनाएगी। सजावनी फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए पुष्प क्रांति योजना से 11 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
- शिताके और ढिंगरी मशरूम की खेती को बढ़ावा देने पर 3 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
- सत्यानंद स्टोक्स के व्यक्तित्व व योगदान को देखते हुए कोटगढ़ थानाधार और आसपास के क्षेत्र में ट्रेल बनाया जाएगा।
- सिंचाई क्षेत्र के लिए भी पांच बड़ी योजनाओं के लिए बजट की घोषणा की गई। मल निकाली से अलग-अलग शहरों को बजट के प्रावधान का दावा किया गया।
- दूध के खरीद दाम 2 रुपये बढ़ाने की घोषणा की।



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